उत्तर प्रदेश विधानसभा में “तेल की बोतल” और महंगाई का सवाल

उत्तर प्रदेश विधानसभा में “तेल की बोतल” और महंगाई का सवाल

Uttar Pradesh Assembly

The question of “oil bottle” and inflation

लखनऊ। विधान सभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान महंगाई के मुद्दे पर आंकड़ों और आरोपों के बीच माहौल गरम था। तभी सदन में समाजवादी पार्टी के विधायक की कविता गूंज उठी। तेल की ‘बोतल’ का जिक्र क्या आया, सत्ता पक्ष से तंज चला और विधान सभा अध्यक्ष के एक सवाल “कौन सी बोतल?” ने पूरे सदन में ठहाके बिखेर दिए। महंगाई पर खूब तंज चला और राजनीतिक नोकझोंक भी देखने को मिली।

सपा सदस्य आशु मलिक ने महंगाई और कालाबाजारी पर सरकार को घेरते हुए कविता पढ़ी। इसके बाद सपा के ही डा. आरके वर्मा ने भी एक कविता पढ़ी...“तेल की बोतल पूछ रही है..., क्यों तुम इतना देख रहे हो यूं। पहले तुम्ही खरीदते थे मुझे, अब इतना क्यों सोच रहे हो तुम...

वर्मा की कविता पर सत्ता पक्ष की ओर से गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि इन्हें ‘बोतल’ बहुत अखर रही है, उसके जरूर दाम बढ़ गए हैं। इस पर अध्यक्ष सतीश महाना ने मुस्कराते हुए पूछा...“कौन सी बोतल?” अध्यक्ष की इस टिप्पणी पर पूरे सदन में ठहाका गूंज उठा और कुछ देर के लिए माहौल हल्का हो गया।

मंत्री ने आगे कहा कि आज नेता प्रतिपक्ष बोलेंगे यदि वे कह दें कि ‘बोतल’ के दाम बढ़ गए हैं, तो उस पर भी विचार कर लिया जाएगा। इसी दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में शोर-शराबा भी हुआ। स्थिति को संभालते हुए अध्यक्ष ने टिप्पणी की कि दोनों ने ‘बोतल’ की बात की और दोनों ने अपने-अपने दिमाग से ‘बोतल’ समझी। इस बयान के बाद सदन में फिर से हल्की हंसी के साथ बहस आगे बढ़ी। इसके साथ ही महंगाई का मुद्दा राजनीतिक तंज के बीच केंद्र में बना रहा। सं

सदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इस समय कहीं महंगाई नहीं है। केंद्र सरकार ने जीएसटी कम कर दिया है। किसानों को भी उनकी उपज का पैसा सीधे उनके खातों में दिया जा रहा है।